हारना तब आवश्यक हो जाता है जब लङाई "अपनों से हो"
...और....
जीतना तब आवश्यक हो जाता है जब लङाई "अपने आप से हो"
मंजिल मिले ना मिले
ये तो मुकदर की बात है!
हम कोशिश भी ना करे
ये तो गलत बात है...
हारना तब आवश्यक हो जाता है जब लङाई "अपनों से हो"
...और....
जीतना तब आवश्यक हो जाता है जब लङाई "अपने आप से हो"
मंजिल मिले ना मिले
ये तो मुकदर की बात है!
हम कोशिश भी ना करे
ये तो गलत बात है...
पहले मैं होशियार था,
इसलिए दुनिया बदलने चला था,,,
आज मैं समझदार हूँ,
इसलिए खुद को बदल रहा हूँ…।।
वक़्त अच्छा ज़रूर आता है;
मगर वक़्त पर ही आता है!
कागज अपनी किस्मत से उड़ता है;
लेकिन पतंग अपनी काबिलियत से!
इसलिए किस्मत साथ दे या न दे;
काबिलियत जरुर साथ देती है!
दो अक्षर का होता है लक;
ढाई अक्षर का होता है भाग्य;
तीन अक्षर का होता है नसीब;
साढ़े तीन अक्षर की होती है किस्मत;
पर ये चारों के चारों चार अक्षर, मेहनत से छोटे होते हैं!……..
जिंदगी में दो लोगों का ख्याल रखना बहुत जरुरी है!
पिता: जिसने तुम्हारी जीत के लिए सब कुछ हारा हो!
माँ: जिसको तुमने हर दुःख में पुकारा हो!
काम करो ऐसा कि पहचान बन जाये;
हर कदम चलो ऐसे कि निशान बन जायें;
यह जिंदगी तो सब काट लेते हैं;
जिंदगी ऐसे जियो कि मिसाल बन जाये!
भगवान की भक्ति करने से शायद हमें माँ न मिले;
लेकिन माँ की भक्ति करने से भगवान् अवश्य मिलेंगे!
अहंकार में तीन गए;
धन, वैभव और वंश!
ना मानो तो देख लो;
रावन, कौरव और कंस!
‘इंसान’ एक दुकान है, और ‘जुबान’ उसका ताला;
जब ताला खुलता है, तभी मालुम पड़ता है;
कि दूकान ‘सोने’ कि है, या ‘कोयले
एक दिन मैं कॉलेज से घर आने के लिये
निकला आसमान
में बादल थे…
लग रहा था कि बारिश होने वाली थी…
इसलिए सोचा कि घर जल्दी पहुँच जाऊँ पर रास्ते
में
ही बारिश शुरू हो गई और मैं भीग गया…!!!
.
घर जाते ही बड़ी बहन ने कहा -: “थोड़ी देर रुक
नही सकते थे…??”
.
बड़े भाई ने कहा -: “कहीं साइड में खड़े
हो जाते …??”
.
पापा ने कहा -: “खड़े कैसे हो जाते..!! जनाब
को बारिश में भीगने का शौक जो है..??”
.
.
.
इतने में मम्मी आई और सिर पर टॉवेल रखते हुऐ
बोली -: “ये बारिश भी ना… थोड़ी देर रुक
जाती तो मेरा बेटा घर आ जाता…!!!”
‘माँ’ तो ‘माँ’ ह�
जरूरी नही कि जिनमे सांसें नही वो ही मुर्दा है..
जिनमे इंसानियत नही है, वो भी तो मुर्दा ही है..!!
. .*""*. कृपया
( @ #> मेरे लिए
_.*".-'.., ) अपने घर की छत
.-" . ' _- ._,.-" पर दाना और
/ ,,,/" | | एक बर्तन में पानी
/ ,,,/ ^ ^ जरूर रखना
/ ,,,/ गर्मी बहुत है
आपकी चिड़िया..
प्लीज शेयर करे धन्यवाद
दोस्तों थोड़ा समय निकाले ...पढे.
बड़े गुस्से से मैं घर से चला आया ..
इतना गुस्सा था की गलती से पापा के ही जूते पहन के निकल गया
मैं आज बस घर छोड़ दूंगा, और तभी लौटूंगा जब बहुत बड़ा आदमी बन जाऊंगा ...
जब मोटर साइकिल नहीं दिलवा सकते थे, तो क्यूँ इंजीनियर बनाने के सपने देखतें है .....
आज मैं पापा का पर्स भी उठा लाया था .... जिसे किसी को हाथ तक न लगाने देते थे ...
मुझे पता है इस पर्स मैं जरुर पैसो के हिसाब की डायरी होगी ....
पता तो चले कितना माल छुपाया है .....
माँ से भी ...
इसीलिए हाथ नहीं लगाने देते किसी को..
जैसे ही मैं कच्चे रास्ते से सड़क पर आया, मुझे लगा जूतों में कुछ चुभ रहा है ....
मैंने जूता निकाल कर देखा .....
मेरी एडी से थोडा सा खून रिस आया था ...
जूते की कोई कील निकली हुयी थी, दर्द तो हुआ पर गुस्सा बहुत था ..
और मुझे जाना ही था घर छोड़कर ...
जैसे ही कुछ दूर चला ....
मुझे पांवो में गिला गिला लगा, सड़क पर पानी बिखरा पड़ा था ....
पाँव उठा के देखा तो जूते का तला टुटा था .....
जैसे तेसे लंगडाकर बस स्टॉप पहुंचा, पता चला एक घंटे तक कोई बस नहीं थी .....
मैंने सोचा क्यों न पर्स की तलाशी ली जाये ....
मैंने पर्स खोला, एक पर्ची दिखाई दी, लिखा था..
लैपटॉप के लिए 40 हजार उधार लिए
पर लैपटॉप तो घर मैं मेरे पास है ?
दूसरा एक मुड़ा हुआ पन्ना देखा, उसमे उनके ऑफिस की किसी हॉबी डे का लिखा था
उन्होंने हॉबी लिखी अच्छे जूते पहनना ......
ओह....अच्छे जुते पहनना ???
पर उनके जुते तो ...........!!!!
माँ पिछले चार महीने से हर पहली को कहती है नए जुते ले लो ...
और वे हर बार कहते "अभी तो 6 महीने जूते और चलेंगे .."
मैं अब समझा कितने चलेंगे
......तीसरी पर्ची ..........
पुराना स्कूटर दीजिये एक्सचेंज में नयी मोटर साइकिल ले जाइये ...
पढ़ते ही दिमाग घूम गया.....
पापा का स्कूटर .............
ओह्ह्ह्ह
मैं घर की और भागा........
अब पांवो में वो कील नही चुभ रही थी ....
मैं घर पहुंचा .....
न पापा थे न स्कूटर ..............
ओह्ह्ह नही
मैं समझ गया कहाँ गए ....
मैं दौड़ा .....
और
एजेंसी पर पहुंचा......
पापा वहीँ थे ....
मैंने उनको गले से लगा लिया, और आंसुओ से उनका कन्धा भिगो दिया ..
.....नहीं...पापा नहीं...
मुझे नहीं चाहिए मोटर साइकिल...
बस आप नए जुते ले लो और मुझे अब बड़ा आदमी बनना है..
वो भी आपके तरीके से ...।।
"माँ" एक ऐसी बैंक है जहाँ आप हर भावना और दुख जमा कर सकते है...
और
"पापा" एक ऐसा क्रेडिट कार्ड है जिनके पास बैलेंस न होते हुए भी हमारे सपने पूरे करने की कोशिश करते है...
एक सुखी परिवार के लिए. उस कीसीको कुछ ना कहने
वाले इंसान को भी समजे ओर प्यार दे. जगदीश
...I Love Papa n mom...
करीब तीस साल का एक युवक मुंबई के प्रसिद्ध टाटा कैंसर अस्पताल के सामने फुटपाथ पर खड़ा था।
युवक वहां अस्पताल की सीढिय़ों पर मौत के द्वार पर खड़े मरीजों को बड़े ध्यान दे देख रहा था,
जिनके चेहरों पर दर्द और विवषता का भाव स्पष्ट नजर आ रहा था।
इन रोगियों के साथ उनके रिश्तेदार भी परेशान थे।
थोड़ी देर में ही यह दृष्य युवक को परेशान करने लगा।
वहां मौजूद रोगियों में से अधिकांश दूर दराज के गांवों के थे, जिन्हे यह भी नहीं पता था कि क्या करें, किससे मिले? इन लोगों के पास दवा और भोजन के भी पैसे नहीं थे।
टाटा कैंसर अस्पताल के सामने का यह दृश्य देख कर वह तीस साल का युवक भारी मन से घर लौट आया।
उसने यह ठान लिया कि इनके लिए कुछ करूंगा। कुछ करने की चाह ने उसे रात-दिन सोने नहीं दिया। अंतत: उसे एक रास्ता सूझा..
उस युवक ने अपने होटल को किराये पर देक्रर कुछ पैसा उठाया। उसने इन पैसों से ठीक टाटा कैंसर अस्पताल के सामने एक भवन लेकर धर्मार्थ कार्य(चेरिटी वर्क) शुरू कर दिया।
उसकी यह गतिविधि अब 27 साल पूरे कर चुकी है और नित रोज प्रगति कर रही है। उक्त चेरिटेबिल संस्था कैंसर रोगियों और उनके रिश्तेदारों को निशुल्क भोजन उपलब्ध कराती है।
करीब पचास लोगों से शुरू किए गए इस कार्य में संख्या लगातार बढ़ती गई। मरीजों की संख्या बढऩे पर मदद के लिए हाथ भी बढऩे लगे। शर्दी, गर्मी, बरसात हर मौसम को झेलने के बावजूद यह काम नहीं रूका।
यह पुनीत काम करने वाले युवक का नाम था हरकचंद सावला।
एक काम में सफलता मिलने के बाद हरकचंद सावला जरूरतमंदों को निशुल्क दवा की आपूर्ति शुरू कर दिए।
इसके लिए उन्होंने मैडीसिन बैंक बनाया है, जिसमें तीन डॉक्टर और तीन फार्मासिस्ट स्वैच्छिक सेवा देते हैं। इतना ही नहीं कैंसर पीडि़त बच्चों के लिए खिलौनों का एक बैंक भी खोल दिया गया है। आपको जान कर आश्चर्य होगा कि सावला द्वारा कैंसर पीडि़तों के लिए स्थापित 'जीवन ज्योतÓ ट्रस्ट आज 60 से अधिक प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।
57 साल की उम्र में भी सावला के उत्साह और ऊर्जा 27 साल पहले जैसी ही है।
मानवता के लिए उनके योगदान को नमन करने की जरूरत है।
यह विडंबना ही है कि आज लोग 20 साल में 200 टेस्ट मैच खेलने वाले सचिन को कुछ शतक और तीस हजार रन बनाने के लिए भगवान के रूप में देखते हैं।
जबकि 10 से 12 लाख कैंसर रोगियों को मुफ्त भोजन कराने वाले को कोई जानता तक नहीं।
यहां मीडिया की भी भूमिका पर सवाल है, जो सावला जैसे लोगों को नजर अंदाज करती है।
यहां यह भी बता दे कि गूगल के पास सावला की एक तस्वीर तक नहीं है।
यह हमे समझना होगा कि पंढरपुर, शिरडी में साई मंदिर, तिरुपति बाला जी आदि स्थानों पर लाखों रुपये दान करने से भगवान नहीं मिलेगा।
भगवान हमारे आसपास ही रहता है। लेकिन हम बापू, महाराज या बाबा के रूप में विभिन्न स्टाइल देव पुरुष के पीछे पागलों की तरह चल रहे हैं।
इसके बाजवूद जीवन में कठिनाइयां कम नहीं हो रही हैं और मृत्यु तक यह बनी रहेगी।
परतुं बीते 27 साल से कैंसर रोगियों और उनके रिश्तेदारों को हरकचंद सावला के रूप में भगवान ही मिल गया है।
इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं ताकि हरकचंद्र सावला को उनके हिस्से की प्रसिद्धि मिल सके और ऐसे कार्य करने वालो को बढावा मिले
क्या आप-हम ऐसे कार्यों में अपना योगदान नहीं दे सकते??
ज़रा सोचिए
धन्यवाद
कुछ रोचक जानकारी क्या आपको पता है ?
1. चीनी को जब चोट पर लगाया जाता है, दर्द तुरंत कम हो जाता है...
2. जरूरत से ज्यादा टेंशन आपके दिमाग को कुछ समय के लिए बंद कर सकती है...
3. 92% लोग सिर्फ हस देते हैं जब उन्हे सामने वाले की बात समझ नही आती...
4. बतक अपने आधे दिमाग को सुला सकती हैंजबकि उनका आधा दिमाग जगा रहता....
5. कोई भी अपने आप को सांस रोककर नही मार सकता...
6. स्टडी के अनुसार : होशियार लोग ज्यादा तर अपने आप से बातें करते हैं...
7. सुबह एक कप चाय की बजाए एक गिलास ठंडा पानी आपकी नींद जल्दी खोल देता है...
8. जुराब पहन कर सोने वाले लोग रात को बहुत कम बार जागते हैं या बिल्कुल नही जागते...
9. फेसबुक बनाने वाले मार्क जुकरबर्ग के पास कोई कालेज डिगरी नही है...
10. आपका दिमाग एक भी चेहरा अपने आप नही बना सकता आप जो भी चेहरे सपनों में देखते हैं वो जिदंगी में कभी ना कभी आपके द्वारा देखे जा चुके होते हैं...
11. अगर कोई आप की तरफ घूर रहा हो तो आप को खुद एहसास हो जाता है चाहे आप नींद में ही क्यों ना हो...
12. दुनिया में सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाने वाला पासवर्ड 123456 है.....
13. 85% लोग सोने से पहले वो सब सोचते हैं जो वो अपनी जिंदगी में करना चाहते हैं...
14. खुश रहने वालों की बजाए परेशान रहने वाले लोग ज्यादा पैसे खर्च करते हैं...
15. माँ अपने बच्चे के भार का तकरीबन सही अदांजा लगा सकती है जबकि बाप उसकी लम्बाई का...
16. पढना और सपने लेना हमारे दिमाग के अलग-अलग भागों की क्रिया है इसी लिए हम सपने में पढ नही पाते...
17. अगर एक चींटी का आकार एक आदमी के बराबर हो तो वो कार से दुगुनी तेजी से दौडेगी...
18. आप सोचना बंद नही कर सकते.....
19. चींटीयाँ कभी नही सोती...
20. हाथी ही एक एसा जानवर है जो कूद नही सकता...
21. जीभ हमारे शरीर की सबसे मजबूत मासपेशी है...
22. नील आर्मस्ट्रांग ने चन्द्रमा पर अपना बायां पाँव पहलेरखा था उस समय उसका दिल 1 मिनट में 156 बार धडक रहा था...
23. पृथ्वी के गुरूत्वाकर्षण बल के कारण पर्वतों का 15,000मीटर से ऊँचा होना संभव नही है...
23. शहद हजारों सालों तक खराब नही होता..
24. समुंद्री केकडे का दिल उसके सिर में होता है...
25. कुछ कीडे भोजन ना मिलने पर खुद को ही खा जाते है....
26. छींकते वक्त दिल की धडकन 1 मिली सेकेंड के लिए रूक जाती है...
27. लगातार 11 दिन से अधिक जागना असंभव है...
28. हमारे शरीर में इतना लोहा होता है कि उससे 1 इंच लंबी कील बनाई जा सकती है.....
29. बिल गेट्स 1 सेकेंड में करीब 12,000 रूपए कमाते हैं...
30. आप को कभी भी ये याद नही रहेगा कि आपका सपना कहां से शुरू हुआ था...
31. हर सेकेंड 100 बार आसमानी बिजली धरती पर गिरती है...
32. कंगारू उल्टा नही चल सकते...
33. इंटरनेट पर 80% ट्रैफिक सर्च इंजन से आती है...
34. एक गिलहरी की उमर,, 9 साल होती है...
35. हमारे हर रोज 200 बाल झडते हैं...
36. हमारा बांया पांव हमारे दांये पांव से बडा होता हैं...
37. गिलहरी का एक दांत हमेशा बढता रहता है....
38. दुनिया के 100 सबसे अमीर आदमी एक साल में इतना कमा लेते हैं जिससे दुनिया
की गरीबी 4 बार खत्म की जा सकती है...
39. एक शुतुरमुर्ग की आँखे उसके दिमाग से बडी होती है...
40. चमगादड गुफा से निकलकर हमेशा बांई तरफ मुडती है...
41. ऊँट के दूध की दही नही बन सकता...
42. एक काॅकरोच सिर कटने के बाद भी कई दिन तक जिवित रह सकता है...
43. कोका कोला का असली रंग हरा था...
44. लाइटर का अविष्कार माचिस से पहले हुआ था...
45. रूपए कागज से नहीं बल्कि कपास से बनते है...
46. स्त्रियों की कमीज के बटन बाईं तरफ जबकि पुरूषों की कमीजके बटन दाईं तरफ होते हैं...
47. मनुष्य के दिमाग में 80% पानी होता है.
48. मनुष्य का खून 21 दिन तक स्टोर किया जा सकता है...
49. फिंगर प्रिंट की तरह मनुष्य की जीभ के निशान भी अलग-अलग होते हैं...
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