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Friday, April 24, 2015

Nice quotes

पहले मैं होशियार था,
इसलिए दुनिया बदलने चला था,,,
आज मैं समझदार हूँ,
इसलिए खुद को बदल रहा हूँ…।।
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वक़्त अच्छा ज़रूर आता है;
मगर वक़्त पर ही आता है!
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कागज अपनी किस्मत से उड़ता है;
लेकिन पतंग अपनी काबिलियत से!
इसलिए किस्मत साथ दे या न दे;
काबिलियत जरुर साथ देती है!
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दो अक्षर का होता है लक;
ढाई अक्षर का होता है भाग्य;
तीन अक्षर का होता है नसीब;
साढ़े तीन अक्षर की होती है किस्मत;
पर ये चारों के चारों चार अक्षर, मेहनत से छोटे होते हैं!……..
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जिंदगी में दो लोगों का ख्याल रखना बहुत जरुरी है!
पिता: जिसने तुम्हारी जीत के लिए सब कुछ हारा हो!
माँ: जिसको तुमने हर दुःख में पुकारा हो!
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काम करो ऐसा कि पहचान बन जाये;
हर कदम चलो ऐसे कि निशान बन जायें;
यह जिंदगी तो सब काट लेते हैं;
जिंदगी ऐसे जियो कि मिसाल बन जाये!
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भगवान की भक्ति करने से शायद हमें माँ न मिले;
लेकिन माँ की भक्ति करने से भगवान् अवश्य मिलेंगे!
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अहंकार में तीन गए;
धन, वैभव और वंश!
ना मानो तो देख लो;
रावन, कौरव और कंस!
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‘इंसान’ एक दुकान है, और ‘जुबान’ उसका ताला;
जब ताला खुलता है, तभी मालुम पड़ता है;
कि दूकान ‘सोने’ कि है, या ‘कोयले
एक दिन मैं कॉलेज से घर आने के लिये
निकला आसमान
में बादल थे…
लग रहा था कि बारिश होने वाली थी…
इसलिए सोचा कि घर जल्दी पहुँच जाऊँ पर रास्ते
में
ही बारिश शुरू हो गई और मैं भीग गया…!!!
.
घर जाते ही बड़ी बहन ने कहा -: “थोड़ी देर रुक
नही सकते थे…??”
.
बड़े भाई ने कहा -: “कहीं साइड में खड़े
हो जाते …??”
.
पापा ने कहा -: “खड़े कैसे हो जाते..!! जनाब
को बारिश में भीगने का शौक जो है..??”
.
.
.
इतने में मम्मी आई और सिर पर टॉवेल रखते हुऐ
बोली -: “ये बारिश भी ना… थोड़ी देर रुक
जाती तो मेरा बेटा घर आ जाता…!!!”
‘माँ’ तो ‘माँ’ ह�

Nice lines

जरूरी नही कि जिनमे सांसें नही वो ही मुर्दा है..
जिनमे इंसानियत नही है, वो भी तो मुर्दा ही है..!!

Friday, November 7, 2014

Maa-Baap ki sewa


एक बालक अपने
माँ-बाप की खूब सेवा किया करता था
उसके दोस्त उससे भी कहते कि
अगर इतनी सेवा तुमने
भगवान की की होती तो तुम्हे
भगवान मिल जाते !
लेकिन इन सब चीजो से
अनजान वो अपने
माता पिता की सेवा करता रहा !
एक दिन उसकी माँ बाप की
सेवा-भक्ति से खुश होकर
भगवान धरती पर आ गये !
उस वक्त वो बालक अपनी
माँ के पाँव दबा रहा था !
भगवान दरवाजे के बाहर से बोले-
दरवाजा खोलो बेटा
मैं तुम्हारी माता-पिता की सेवा से
प्रसन्न होकर तुम्हे
वरदान देने आया हूँ !
बालक ने कहा -
इंतजार करो प्रभु
मैं माँ की सेवा मे लगा हूँ !
भगवान बोले -
देखो मैं वापस चला जाऊँगा!
बालक ने कहा -
आप जा सकते है
भगवान मैं सेवा बीच मे
नही छोड़ सकता !
कुछ देर बाद
उसने दरवाजा खोला तो
क्या देखता है
भगवान बाहर खड़े थे !
भगवान बोले -
लोग मुझे पाने के लिये
कठोर तपस्या करते है
पर मैं तुम्हे सहज ही मे मिल गया
पर तुमने
मुझसे प्रतीक्षा करवाई !
बालक ने जवाब दिया -
हे ईश्वर जिस माँ बाप की सेवा ने
आपको मेरे पास आने को
मजबूर कर दिया
उन माँ बाप की सेवा बीच मे छोड़कर
मैं दरवाजा खोलने कैसे आता !
यही इस जिंदगी का सार है !
जिंदगी मे हमारे
माँ-बाप से बढ़कर कुछ नही है !
हमारे माँ-बाप ही
हमे ये जिंदगी देते है !
यही माँ-बाप अपना
पेट काटकर बच्चो के लिये
अपना भविष्य खराब कर देते है
इसके बदले
हमारा भी ये फर्ज बनता है कि
हम कभी उन्हे दुःख ना दे !
उनकी आँखो मे
आँसू कभी ना आये
चाहे परिस्थिति जो भी हो
प्रयत्न कीजियेगा!

धन्यवाद दोस्तों
  आपका आभारी रहुगा

Wednesday, November 5, 2014

Nice lines

किस रावण की काटूं बाहें,
किस लंका को आग लगाऊँ..!

घर घर रावण पग पग लंका, इतने राम कहाँ से
लाऊँ..,!!!

नफरतों का असर देखो,
जानवरों का बटंवारा हो गया,
गाय हिन्दू हो गयी ;
और बकरा मुसलमान हो गया.

मंदिरो मे हिंदू देखे,
मस्जिदो में मुसलमान,
शाम को मयखाने मे ;
एक साथ दिखे इन्सान.

ये पेड़ ये पत्ते ये शाखें भी परेशान हो जाएं..
अगर परिंदे भी हिन्दू और मुस्लमान हो जाएं
---

सूखे मेवे भी ये देख कर हैरान हो गए..
न जाने कब नारियल हिन्दू और
खजूर मुसलमान हो गए..
---

न मस्जिद को जानते हैं , न
शिवालों को जानते हैं
जो भूखे पेट होते हैं, वो सिर्फ
निवालों को जानते हैं

मेरा यही अंदाज
ज़माने को खलता है.
की मेरा चिराग हवा के खिलाफ
क्यों जलता है......

में अमन पसंद हूँ ,मेरे शहर में दंगा रहने दो...
लाल और हरे में मत बांटो , मेरी छत पर
तिरंगा रहने दो 

Tuesday, November 4, 2014

Nice line by Vallabh bhai patel

Good Morning !

Work is undoubtedly worship
but laughter is life. Any one who takes life too seriously must prepare himself for a miserable existence. Anyone who greets joys and sorrows with equal facility can really get the best of life.
Vallabhbhai Patel

बेशक कर्म पूजा है किन्तु हास्य जीवन है.जो कोई
भी अपना जीवन बहुत गंभीरता से लेता है उसे एक दुःखी जीवन के लिए तैयार रहना चाहिए. जो कोई
भी सुख और दुःख का समान रूप से स्वागत करता है वास्तव में वही सबसे अच्छी तरह से जीता है.
वल्लभभाई पटेल