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Thursday, October 12, 2017

Work as being human

_👉 *दूध को दुखी करो तो दही बनता है|*_
_👉 *दही को सताने से मक्खन बनता है|*_
_👉 *मक्खन को सताने से घी बनता है|*_
_👉 *दूध से महंगा दही है,दही से महंगा मक्खन है,और मक्खन से महंगा घी है|*_
_👉 *किन्तु इन चारों का रंग एक ही है सफेद|*_
_👉 *इसका अर्थ है बाऱ- बार दुख और संकट आने पर भी जो इंसान अपना रंग नहीं बदलता,समाज में उसका ही मूल्य बढ़ता है|*_
_👉 *दूध* उपयोगी है किंतु एक ही दिन के लिए, फिर वो *खराब* हो जाता है....!!_
_👉 *दूध* में एक बूंद *छाछ* डालने से वह *दही* बन जाता है जो केवल दो और दिन *टिकता* है....!!_
_👉 *दही* का मंथन करने पर *मक्खन* बन जाती है, यह और तीन दिन टिकता है....!!_
_👉 *मक्खन* को उबालकर *घी* बनता है, *घी* कभी खराब नहीं होता....!!_
_👉एक ही दिन में बिगड़ने वाले *दूध* में कभी नहीं बिगड़ने वाला *घी* छिपा है....!!_
_👉इसी तरह आपका *मन* भी अथाह *शक्तियों* से भरा है, उसमें कुछ_ _*सकारात्मक विचार* डालो अपने आपको *मथो* अर्थात *चिंतन* करो....अपने *जीवन* को और *तपाओ* और तब देखना_
_👉 *आप कभी हार नहीं मानने वाले सदाबहार व्यक्ति बन जाओगे....!!*_
                      
🙏🏻🌺🙏🏻

Monday, April 18, 2016

RTI

RTI लिखने का तरीका -
����RTI मलतब है सूचना का अधिकार - ये कानून हमारे देश में 2005 में लागू हुआ।जिसका उपयोग करके आप सरकार और
किसी भी विभाग से सूचना मांग सकते है। आमतौर पर लोगो को इतना ही पता होता है।परंतु आज मैं आप को इस के बारे में कुछ और रोचक जानकारी देता हूँ -
����RTI से आप सरकार से कोई भी सवाल पूछकर सूचना ले सकते है।
����RTI से आप सरकार के किसी भी दस्तावेज़ की जांच कर सकते है।
����RTI से आप दस्तावेज़ की प्रमाणित कापी ले सकते है।
����RTI से आप सरकारी कामकाज में इस्तेमाल सामग्री का नमूना ले सकते है।
����RTI से आप किसी भी कामकाज का निरीक्षण कर सकते हैं।
����RTI में कौन- कौन सी धारा हमारे काम की है।
����धारा 6 (1) - RTI का आवेदन लिखने का धारा है।
����धारा 6 (3) - अगर आपका आवेदन गलत विभाग में चला गया है। तो वह विभाग
इस को 6 (3) धारा के अंतर्गत सही विभाग मे 5 दिन के अंदर भेज देगा।
����धारा 7(5) - इस धारा के अनुसार BPL कार्ड वालों को कोई आरटीआई शुल्क नही देना होता।
����धारा 7 (6) - इस धारा के अनुसार अगर आरटीआई का जवाब 30 दिन में नहीं आता है
तो सूचना निशुल्क में दी जाएगी।
����धारा 18 - अगर कोई अधिकारी जवाब नही देता तो उसकी शिकायत सूचना अधिकारी को दी जाए।
����धारा 8 - इस के अनुसार वो सूचना RTI में नहीं दी जाएगी जो देश की अखंडता और सुरक्षा के लिए खतरा हो या विभाग की आंतरिक जांच को प्रभावित करती हो।
����धारा 19 (1) - अगर आप
की RTI का जवाब 30 दिन में नहीं आता है।तो इस
धारा के अनुसार आप प्रथम अपील अधिकारी को प्रथम अपील कर सकते हो।
����धारा 19 (3) - अगर आपकी प्रथम अपील का भी जवाब नही आता है तो आप इस धारा की मदद से 90 दिन के अंदर दूसरी
अपील अधिकारी को अपील कर सकते हो।
����RTIकैसे लिखे?
इसके लिए आप एक सादा पेपर लें और उसमे 1 इंच की कोने से जगह छोड़े और नीचे दिए गए प्रारूप में अपने RTI लिख लें
...................................
सूचना का अधिकार 2005 की धारा 6(1) और 6(3) के अंतर्गत आवेदन।
सेवा में,
अधिकारी का पद / जनसूचना अधिकारी
विभाग का नाम.............
विषय - RTI Act 2005 के अंतर्गत .................. से संबधित सूचनाऐं।
अपने सवाल यहाँ लिखें।
1-..............................
2-...............................
3-..............................
4-..............................
मैं आवेदन फीस के रूप में 20रू का पोस्टलऑर्डर ........ संख्या अलग से जमा कर रहा /रही हूं।
या
मैं बी.पी.एल. कार्डधारी हूं। इसलिए सभी देय शुल्कों से मुक्त हूं। मेरा बी.पी.एल.कार्ड नं..............है।
यदि मांगी गई सूचना आपके विभाग/कार्यालय से सम्बंधित
नहीं हो तो सूचना का अधिकार अधिनियम,2005 की धारा 6 (3) का संज्ञान लेते हुए मेरा आवेदन सम्बंधित लोकसूचना अधिकारी को पांच दिनों के
समयावधि के अन्तर्गत हस्तान्तरित करें। साथ ही अधिनियम के प्रावधानों के तहत
सूचना उपलब्ध् कराते समय प्रथम अपील अधिकारी का नाम व पता अवश्य बतायें।
भवदीय
नाम:....................
पता:.....................
फोन नं:..................
हस्ताक्षर...................
ये सब लिखने के बाद अपने हस्ताक्षर कर दें।
����अब मित्रो केंद्र से सूचना मांगने के लिए आप 20 रु देते है और एक पेपर की कॉपी मांगने के 2 रु देते है।
����हर राज्य का RTI शुल्क अगल अलग है जिस का पता आप कर सकते हैं।
����जनजागृति के लिए जनहित में शेयर करे।
����RTI का सदउपयोग करें और भ्रष्टाचारियों की सच्चाई /पोल दुनिया के सामने लाईये
कृपया इस पोस्ट को अपने सभी ग्रुपो में ज्यादा से ज्यादा फॉरवर्ड करे और RTI को ज्यादा से ज्यादा उपयोगी और प्रभावी बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
"राष्ट्रहित मैं जारी"

Wednesday, April 29, 2015

Work as being human

जिन्दगी गुजर जाती है
एक मकान बनाने में।
और
कुदरत उफ़ तक नहीं करती बस्तियाँ गिराने में।
ना उजाड़ ए - खुदा किसी के आशियाने को,
वक़्त बहुत लगता है, एक छोटा सा घर बनाने
को...!!

Monday, April 27, 2015

Jaag ja ae insaan

नेपाल हिला, भारत हिला और हिल गया पाकिस्तान,
न मसीह आए, न अल्लाह आए और कहाँ गए भगवान ?
हैं कौन हिन्दू, कौन ईसाई और कौन है मुसलमान,
प्रकृति के आगे है बेबस हर इंसान ।।
हैं समान सब उसकी नजर में,
वहाँ नहीं चलता बाइबल, वेद और कुरान।
मत उलझ इस पाखण्ड में,
अब तो जाग जा ए मूर्ख इंसान ।।

Friday, April 24, 2015

Nice lines

जरूरी नही कि जिनमे सांसें नही वो ही मुर्दा है..
जिनमे इंसानियत नही है, वो भी तो मुर्दा ही है..!!

Monday, November 3, 2014

सपने तथा उनसे प्राप्त होने वाले संभावित फल


1- सांप दिखाई देना-  धन लाभ
 2- नदी देखना-  सौभाग्य में वृद्धि
3- नाच-गाना देखना-  अशुभ समाचार मिलने के योग
4- नीलगाय देखना-  भौतिक सुखों की प्राप्ति
5- नेवला देखना-  शत्रुभय से मुक्ति
6- पगड़ी देखना-  मान-सम्मान में वृद्धि
7- पूजा होते हुए देखना- किसी योजना का लाभ मिलना
8- फकीर को देखना-  अत्यधिक शुभ फल
9- गाय का बछड़ा देखना-  कोई अच्छी घटना होना
10- वसंत ऋतु देखना-  सौभाग्य में वृद्धि
11- स्वयं की बहन को देखना-  परिजनों में प्रेम बढऩा
12- बिल्वपत्र देखना-  धन-धान्य में वृद्धि
13- भाई को देखना-  नए मित्र बनना
14- भीख मांगना- धन हानि होना
15- शहद देखना-  जीवन में अनुकूलता
16- स्वयं की मृत्यु देखना-  भयंकर रोग से मुक्ति
17- रुद्राक्ष देखना-  शुभ समाचार मिलना
18- पैसा दिखाई-  देना धन लाभ
19- स्वर्ग देखना-  भौतिक सुखों में वृद्धि
20- पत्नी को देखना-  दांपत्य में प्रेम बढ़ना
21- स्वस्तिक दिखाई देना-  धन लाभ होना
22- हथकड़ी दिखाई देना-  भविष्य में भारी संकट
23- मां सरस्वती के दर्शन-  बुद्धि में वृद्धि
24- कबूतर दिखाई देना-  रोग से छुटकारा
25- कोयल देखना-  उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति
26- अजगर दिखाई देना-  व्यापार में हानि
27- कौआ दिखाई देना-  बुरी सूचना मिलना
28- छिपकली दिखाई देना-  घर में चोरी होना
29- चिडिय़ा दिखाई देना-  नौकरी में पदोन्नति
30- तोता दिखाई देना-  सौभाग्य में वृद्धि
31- भोजन की थाली देखना-  धनहानि के योग
32- इलाइची देखना-  मान-सम्मान की प्राप्ति
33- खाली थाली देखना-  धन प्राप्ति के योग
34- गुड़ खाते हुए देखना-  अच्छा समय आने के संकेत
35- शेर दिखाई देना-  शत्रुओं पर विजय
36- हाथी दिखाई देना-  ऐेश्वर्य की प्राप्ति
37- कन्या को घर में आते देखना-  मां लक्ष्मी की कृपा मिलना
38- सफेद बिल्ली देखना-  धन की हानि
39- दूध देती भैंस देखना-  उत्तम अन्न लाभ के योग
40- चोंच वाला पक्षी देखना-  व्यवसाय में लाभ
41- स्वयं को दिवालिया घोषित करना-  व्यवसाय चौपट होना
42- चिडिय़ा को रोते देखता-  धन-संपत्ति नष्ट होना
43- चावल देखना-  किसी से शत्रुता समाप्त होना
44- चांदी देखना-  धन लाभ होना
45- दलदल देखना- चिंताएं बढऩा
46- कैंची देखना-  घर में कलह होना
47- सुपारी देखना-  रोग से मुक्ति
48- लाठी देखना- यश बढऩा
49- खाली बैलगाड़ी देखना-  नुकसान होना
50- खेत में पके गेहूं देखना-  धन लाभ होना 
51- किसी रिश्तेदार को देखना-  उत्तम समय की शुरुआत
52- तारामंडल देखना-  सौभाग्य की वृद्धि
53- ताश देखना- समस्या में वृद्धि
54- तीर दिखाई- देना लक्ष्य की ओर बढऩा
55- सूखी घास देखना-  जीवन में समस्या
56- भगवान शिव को देखना-  विपत्तियों का नाश
57- त्रिशूल देखना-  शत्रुओं से मुक्ति
58- दंपत्ति को देखना-  दांपत्य जीवन में अनुकूलता
59- शत्रु देखना-  उत्तम धनलाभ
60- दूध देखना-  आर्थिक उन्नति
61- धनवान व्यक्ति देखना-  धन प्राप्ति के योग
62- दियासलाई जलाना-  धन की प्राप्ति
63- सूखा जंगल देखना-  परेशानी होना
64- मुर्दा देखना-  बीमारी दूर होना
65- आभूषण देखना-  कोई कार्य पूर्ण होना
66- जामुन खाना-  कोई समस्या दूर होना
67- जुआ खेलना-  व्यापार में लाभ
68- धन उधार देना-  अत्यधिक धन की प्राप्ति  
69- चंद्रमा देखना-  सम्मान मिलना
70- चील देखना-  शत्रुओं से हानि
71- फल-फूल खाना-  धन लाभ होना
72- सोना मिलना-  धन हानि होना
73- शरीर का कोई अंग कटा हुआ देखना-  किसी परिजन की मृत्यु के योग
74- कौआ देखना-  किसी की मृत्यु का समाचार मिलना
75- धुआं देखना- व्यापार में हानि
76- चश्मा लगाना- ज्ञान में बढ़ोत्तरी
77- भूकंप देखना-  संतान को कष्ट
78- रोटी खाना-  धन लाभ और राजयोग
79- पेड़ से गिरता हुआ देखना किसी रोग से मृत्यु होना
80- श्मशान में शराब पीना-  शीघ्र मृत्यु होना
81- रुई देखना-  निरोग होने के योग
82- कुत्ता देखना-  पुराने मित्र से मिलन
83- सफेद फूल देखना-  किसी समस्या से छुटकारा
84- उल्लू देखना-  धन हानि होना
85- सफेद सांप काटना-  धन प्राप्ति
86- लाल फूल देखना- भाग्य चमकना
87- नदी का पानी पीना-  सरकार से लाभ
88- धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाना-  यश में वृद्धि व पदोन्नति
89- कोयला देखना-  व्यर्थ विवाद में फंसना
90- जमीन पर बिस्तर लगाना-  दीर्घायु और सुख में वृद्धि
91- घर बनाना-  प्रसिद्धि मिलना
92- घोड़ा देखना-  संकट दूर होना
93- घास का मैदान देखना- धन लाभ के योग
94- दीवार में कील ठोकना-  किसी बुजुर्ग व्यक्ति से लाभ
95- दीवार देखना-  सम्मान बढऩा
96- बाजार देखना- दरिद्रता दूर होना
97- मृत व्यक्ति को पुकारना-  विपत्ति एवं दुख मिलना
98- मृत व्यक्ति से बात करना-  मनचाही इच्छा पूरी होना
99- मोती देखना- पुत्री प्राप्ति
100- लोमड़ी देखना-  किसी घनिष्ट व्यक्ति से धोखा मिलना
101- गुरु दिखाई देना-  सफलता मिलना
 102- गोबर देखना-  पशुओं के व्यापार में लाभ

Saturday, November 1, 2014

Nice thought to fly

Grt morning frnds,
बहुत समय पहले की बात है , एक
राजा को उपहार में किसी ने बाज
के दो बच्चे भेंट किये ।

वे बड़ी ही अच्छी नस्ल के थे , और
राजा ने कभी इससे पहले इतने
शानदार बाज नहीं देखे थे।

राजा ने उनकी देखभाल के लिए एक
अनुभवी आदमी को नियुक्त कर
दिया।

जब कुछ महीने बीत गए
तो राजा ने बाजों को देखने का मन
बनाया , और उस जगह पहुँच गए
जहाँ उन्हें पाला जा रहा था।

राजा ने देखा कि दोनों बाज
काफी बड़े हो चुके थे और अब पहले से
भी शानदार लग रहे थे ।

राजा ने बाजों की देखभाल कर रहे
आदमी से कहा, ” मैं इनकी उड़ान
देखना चाहता हूँ , तुम इन्हे उड़ने का इशारा करो ।

“ आदमी ने
ऐसा ही किया।
इशारा मिलते ही दोनों बाज
उड़ान भरने लगे , पर जहाँ एक बाज
आसमान की ऊंचाइयों को छू
रहा था , वहीँ दूसरा , कुछ ऊपर जाकर वापस उसी डाल पर आकर बैठ
गया जिससे वो उड़ा था।

ये देख ,
राजा को कुछ अजीब लगा.
“क्या बात है जहाँ एक बाज
इतनी अच्छी उड़ान भर रहा है वहीँ ये
दूसरा बाज उड़ना ही नहीं चाह रहा ?”,
राजा ने सवाल किया।

” जी हुजूर ,
इस बाज के साथ शुरू से
यही समस्या है , वो इस डाल
को छोड़ता ही नहीं।”

राजा को दोनों ही बाज प्रिय थे , और वो दुसरे बाज
को भी उसी तरह
उड़ना देखना चाहते थे।

अगले दिन पूरे
राज्य में ऐलान
करा दिया गया कि जो व्यक्ति इस
बाज को ऊँचा उड़ाने में कामयाब होगा उसे ढेरों इनाम
दिया जाएगा।

फिर क्या था , एक
से एक विद्वान् आये और बाज
को उड़ाने का प्रयास करने लगे , पर
हफ़्तों बीत जाने के बाद भी बाज
का वही हाल था, वो थोडा सा उड़ता और वापस
डाल पर आकर बैठ जाता।

फिर एक
दिन कुछ अनोखा हुआ , राजा ने
देखा कि उसके दोनों बाज आसमान
में उड़ रहे हैं। उन्हें अपनी आँखों पर
यकीन नहीं हुआ और उन्होंने तुरंत उस व्यक्ति का पता लगाने
को कहा जिसने ये कारनामा कर
दिखाया था। वह व्यक्ति एक
किसान था।

अगले दिन वह दरबार में
हाजिर हुआ। उसे इनाम में स्वर्ण
मुद्राएं भेंट करने के बाद राजा ने कहा , ” मैं तुमसे बहुत प्रसन्न हूँ , बस तुम
इतना बताओ कि जो काम बड़े-बड़े
विद्वान् नहीं कर पाये वो तुमने कैसे
कर दिखाया।

“ “मालिक ! मैं तो एक
साधारण सा किसान हूँ , मैं ज्ञान
की ज्यादा बातें नहीं जानता , मैंने तो बस वो डाल काट दी जिसपर
बैठने का बाज आदि हो चुका था,
और जब वो डाल
ही नहीं रही तो वो भी अपने
साथी के साथ ऊपर उड़ने लगा। “

दोस्तों, हम सभी ऊँचा उड़ने के लिए ही बने हैं। लेकिन कई बार हम जो कर
रहे होते है उसके इतने आदि हो जाते हैं
कि अपनी ऊँची उड़ान भरने की , कुछ
बड़ा करने की काबिलियत को भूल
जाते हैं।

यदि आप भी सालों से
किसी ऐसे ही काम में लगे हैं जो आपके सही potential के मुताबिक
नहीं है तो एक बार ज़रूर सोचिये
कि कहीं आपको भी उस डाल
को काटने की ज़रुरत
तो नहीं जिसपर आप बैठे हैं ?
"Luck is what happens when preparation meets opportunity"