एक 18 साल का लड़का ट्रेन में खिड़की के पास वाली सीट पर बैठा था। अचानक वो ख़ुशी में जोर से चिल्लाया "पिताजी, वो देखो, पेड़ पीछे जा रहा हैं"। उसके पिता ने स्नेह से उसके सिर पर हाथ फिराया।
वो लड़का फिर चिल्लाया "पिताजी वो देखो, आसमान में बादल भी ट्रेन के साथ साथ चल रहे हैं"। पिता की आँखों से आंसू निकल गए।
पास बैठा आदमी ये सब देख रहा था। उसने कहा इतना बड़ा होने के बाद भी आपका लड़का बच्चो जैसी हरकते कर रहा हैं। आप इसको किसी अच्छे डॉक्टर से क्यों नहीं दिखाते?? पिता ने कहा की वो लोग डॉक्टर के पास से ही आ रहे हैं। मेरा बेटा जन्म से अँधा था। आज ही उसको नयी आँखे मिली हैं।
...
नेत्रदान करे। किसी के जीवन में रौशनी भरे।
...
दुसरे मैसेज की तरह इसे भी कोपी करके अधिक से अधिक शेयर करें।
- जनहित में जारी।
Forwarded as received.
Thursday, April 16, 2015
Donate your eyes
Wednesday, April 15, 2015
Ek Sikh 1.25 Lacs ke barabar hota h
दुनिया के इतिहास में ऐसा युद्ध ना कभी किसी ने पढ़ा होगा ना ही सोचा होगा, जिसमे 10 लाख
की फ़ौज का सामना महज 42 लोगों के साथ हुआ था और जीत
किसकी होती है उन 42 सूरमो की !
यह युद्ध 'चमकौर युद्ध' (Battle of Chamkaur) के नाम
से भी जाना जाता है जो कि मुग़ल योद्धा वज़ीर खान
की अगवाई में 10 लाख की फ़ौज का सामना सिर्फ 42
सिखों के सामने 6 दिसम्बर 1704 को हुआ जो की गुरु
गोबिंद सिंह जी की अगवाई में
तैयार हुए थे !
नतीजा यह निकलता है की उन 42 शूरवीर की जीत होती है
जो की मुग़ल हुकूमत की नीव जो की बाबर ने रखी थी , उसे जड़ से उखाड़ दिया और भारत को आज़ाद भारत का दर्ज़ा दिया।
औरंगज़ेब ने भी उस वक़्त गुरु गोबिंद सिंह जी के आगे
घुटने टेके और मुग़ल राज का अंत हुआ हिन्दुस्तान से ।
तभी औरंगजेब ने एक प्रश्न किया गुरुगोबिंद सिंह जी के सामने। कि यह कैसी फ़ौज तैयार की आपने जिसने 10 लाख की फ़ौज को उखाड़ फेंका।
गुरु गोबिंद सिंह जी ने जवाब दिया
"चिड़ियों से मैं बाज लडाऊं , गीदड़ों को मैं शेर बनाऊ।"
"सवा लाख से एक लडाऊं तभी गोबिंद सिंह नाम कहाउँ !!"
गुरु गोबिंद सिंह जी ने जो कहा वो किया, जिन्हे आज हर कोई
शीश झुकता है , यह है हमारे भारत की अनमोल विरासत जिसे हमने कभी पढ़ा ही नहीं !
अगर आपको यकीन नहीं होता तो एक बार जरूर गूगल
में लिखे 'बैटल ऑफ़ चमकौर' और सच आपको पता लगेगा ,
आपको अगर थोड़ा सा भी अच्छा लगा और आपको भारतीय होने का गर्व है
तो जरूर इसे आगे शेयर करे जिससे की हमारे भारत के
गौरवशाली इतिहास के बारे में दुनिया को पता लगे !
.
जो बोले सौ निहाल
सत् श्री अकाल
वाहेगुरु जी का खालसा,
वाहेगुरु जी की फतेह
Tuesday, April 14, 2015
Husband & Wife
आखिर पति के लिए
पत्नी क्यों जरुरी है??
मानो न मानो
.
जब तुम दुःखी हो तो वो तुम्हे
कभी अकेला नहीं छोङेगी।।
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हर वक्त, हर दिन तुम्हे तुम्हारे अन्दर
की बुरी आदतें छोङने को कहेगी।।
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हर छोटी छोटी बातों पर तुमसे
झगङा करेगी, परंतु ज्यादा देर
गुस्सा नहीं रह पाती।।
.
तुम्हें आथिॅक मजबूती देगी।।
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कुछ भी अच्छा ना हो फिर
भी तुम्हें यही कहेगी- चिन्ता मत
करो, सब ठीक हो जायेगा।।
.
तुम्हें समय का पाबंद बनायेगी।।
.
ये जानने के लिए कि तुम क्या कर
रहे हो, दिन में 15 बार फोन करके
हाल पूछेगी।।
.
कभी कभी तुम्हे खीझ
भी आयेगी पर सच ये है कि तुम कुछ
कर नहीं पाओगे।।
..
चूंकि पत्नी ईश्वर का बना एक
स्पेशल उपहार है, इसलिए
उसकी उपयोगिता जानो और
उसकी देखभाल करो।।
ये मैसेज हर विवाहित पुरुष के
मोबाइल मे होना चाहिये
ताकि उन्हें
अपनी पत्नी की कीमत
का अंदाजा हो
Nice one dedicated to all married couples..
अन्त में हम दोनों ही होंगे !!!.
भले ही झगड़े, गुस्सा करे,
एक दूसरे पर टूट पड़े
एक दूसरे पर दादागिरि करने के
लिये, अन्त में हम दोनों ही होंगे
जो कहना हे, वह कह ले,
जो करना हे, वह कर ले
एक दुसरे के चश्मे और
लकड़ी ढूँढने में,
अन्त में हम दोनों ही होंगे
मैं रूठूं तो तुम मना लेना,
तुम रूठो ताे मै मना लूँगा
एक दुसरे को लाड़ लड़ाने के लिये,
अन्त में हम दोनों ही होंगे
आँखे जब धुँधली होंगी,
याददाश्त जब कमजोर होंगी
तब एक दूसरे को एक दूसरे
मे ढूँढने के लिए,
अन्त में हम दोनों ही होंगे
घुटने जब दुखने लगेंगे,
कमर भी झुकना बंद करेगी
तब एक दूसरे के पांव के नाखून काटने के लिए,
अन्त में हम दोनों ही होंगे
"मेरी हेल्थ रिपोर्ट एक दम नॉर्मल
है, आइ एम आलराईट
ऐसा कह कर ऐक दूसरे को
बहकाने के लिए,
अन्त में हम दोनों ही होंगे
साथ जब छूट जायेगा,
बिदाई की घड़ी जब आ जायेगी
तब एक दूसरे को माफ करने के लिए,
अन्त में हम दोनों ही होंगे......
Husband wife par jokes kitne bhi ho, but fact yehi hai...
Saturday, April 11, 2015
Most Beautiful Lines...
1. If you are right then there is no need to get
angry, and if you are wrong then you don’t
have any right to get angry.
2. Patience with family is love, Patience with
others is respect, Patience with self is
confidence and Patience with GOD is faith.
3. Never Think Hard about
PAST, It brings Tears… Don’t Think more
about FUTURE, It brings Fears… Live this
Moment with a Smile, It brings Cheers...!!!
4. Every test in our life makes us bitter or
better, Every problem comes to make us or
break us, Choice is ours whether we
become victim or victorious !!!
5. Search a beautiful heart
not a beautiful face. Beautiful things are not
always good but good things are always
beautiful.
6. Remember me like pressed flower in your
Notebook. It may not be having any fragrance
but will remind you of my existence forever in
your life.
7. Do you know, why God
created gaps between fingers?...
So that someone (Bindu) who is special to
you, comes and fills those gaps by holding
your hands forever
Friday, April 10, 2015
Dont drink while driving
शायद लिखने वाले ने अपना कलेजा निकाल कर रख दिया है मैं एक दुकान में
खरीददारी कर रहा था,
तभी मैंने उस दुकान के कैशियर को एक 5-6
साल की लड़की से
बात करते हुए देखा |
कैशियर बोला :~
"माफ़ करना बेटी,
लेकिन इस गुड़िया को
खरीदने के लिए
तुम्हारे पास पर्याप्त पैसे नहीं हैं|"
फिर उस छोटी सी
लड़की ने मेरी ओर
मुड़ कर मुझसे पूछा:~
"अंकल,
क्या आपको भी यही लगता है
कि मेरे पास पूरे पैसे नहीं हैं?''
मैंने उसके पैसे गिने
और उससे कहा:~
"हाँ बेटे,
यह सच है कि तुम्हारे पास
इस गुड़िया को खरीदने के लिए पूरे पैसे
नहीं हैं"|
वह नन्ही सी लड़की
अभी भी अपने
हाथों में गुड़िया थामे हुए खड़ी थी |
मुझसे रहा नहीं गया |
इसके बाद मैंने उसके पास जाकर उससे
पूछा कि यह गुड़िया वह किसे
देना चाहती है?
इस पर उसने
उत्तर दिया कि यह
वो गुड़िया है,
जो उसकी बहन को
बहुत प्यारी है |
और वह इसे,
उसके जन्मदिन के लिए उपहार
में देना चाहती है |
बच्ची ने कहा यह गुड़िया पहले मुझे
मेरी मम्मी को देना है,
जो कि बाद में मम्मी
जाकर मेरी बहन को दे देंगी"|
यह कहते-कहते
उसकी आँखें नम हो आईं थी
मेरी बहन भगवान के घर गयी है...
और मेरे पापा कहते हैं
कि मेरी मम्मी भी जल्दी-ही भगवान से
मिलने जाने वाली हैं|
तो, मैंने सोचा कि
क्यों ना वो इस
गुड़िया को अपने साथ ले जाकर, मेरी बहन
को दे दें...|"
मेरा दिल धक्क-सा रह गया था |
उसने ये सारी बातें
एक साँस में ही कह डालीं
और फिर मेरी ओर देखकर बोली -
"मैंने पापा से कह दिया है कि मम्मी से
कहना कि वो अभी ना जाएँ|
वो मेरा,
दुकान से लौटने तक का
इंतजार
करें|
फिर उसने मुझे एक बहुत प्यारा-
सा फोटो दिखाया जिसमें वह
खिलखिला कर हँस
रही थी |
इसके बाद उसने मुझसे कहा:~
"मैं चाहती हूँ कि मेरी मम्मी,
मेरी यह
फोटो भी अपने साथ ले जायें,
ताकि मेरी बहन मुझे भूल नहीं पाए|
मैं अपनी मम्मी से बहुत प्यार करती हूँ और
मुझे नहीं लगता कि वो मुझे ऐसे छोड़ने के
लिए राजी होंगी,
पर पापा कहते हैं कि
मम्मी को मेरी छोटी
बहन के साथ रहने के
लिए जाना ही पड़ेगा क्योंकि वो बहुत छोटी है, मुझसे भी छोटी है | उसने धीमी आवाज मैं बोला।
इसके बाद फिर से उसने उस
गुड़िया को ग़मगीन आँखों-से खामोशी-से
देखा|
मेरे हाथ जल्दी से
अपने बटुए ( पर्स ) तक
पहुँचे और मैंने उससे कहा:~
"चलो एक बार
और गिनती करके देखते हैं
कि तुम्हारे पास गुड़िया के
लिए पर्याप्त पैसे हैं या नहीं?''
उसने कहा-:"ठीक है|
पर मुझे लगता है
शायद मेरे पास पूरे पैसे हैं"|
इसके बाद मैंने
उससे नजरें बचाकर
कुछ पैसे
उसमें जोड़ दिए और
फिर हमने उन्हें
गिनना शुरू किया |
ये पैसे उसकी
गुड़िया के लिए काफी थे
यही नहीं,
कुछ पैसे अतिरिक्त
बच भी गए
थेl |
नन्ही-सी लड़की ने कहा:~
"भगवान्
का लाख-लाख शुक्र है
मुझे इतने सारे पैसे
देने के लिए!
फिर उसने
मेरी ओर देख कर
कहा कि मैंने कल
रात सोने से पहले भगवान् से
प्रार्थना की थी कि मुझे इस
गुड़िया को खरीदने के
लिए पैसे दे देना,
ताकि मम्मी इसे
मेरी बहन को दे सकें |
और भगवान् ने मेरी बात सुन ली|
इसके अलावा
मुझे मम्मी के लिए
एक सफ़ेद गुलाब
खरीदने के लिए भी पैसे चाहिए थे, पर मैं भगवान से
इतने ज्यादा पैसे मांगने
की हिम्मत नहीं कर पायी थी
पर भगवान् ने तो
मुझे इतने पैसे दे दिए हैं
कि अब मैं गुड़िया के साथ-साथ एक सफ़ेद
गुलाब भी खरीद सकती हूँ !
मेरी मम्मी को सफेद गुलाब बहुत पसंद हैं|
"फिर हम वहा से निकल गए |
मैं अपने दिमाग से उस छोटी-
सी लड़की को
निकाल नहीं पा रहा था |
फिर,मुझे दो दिन पहले
स्थानीय समाचार
पत्र में छपी एक
घटना याद आ गयी
जिसमें
एक शराबी
ट्रक ड्राईवर के बारे में
लिखा था|
जिसने नशे की हालत में
मोबाईल फोन पर
बात करते हुए एक कार-चालक
महिला की कार को
टक्कर मार दी थी,
जिसमें उसकी 3 साल
की बेटी की
घटनास्थल पर ही
मृत्यु
हो गयी थी
और वह महिला कोमा में
चली गयी थी|
अब एक महत्वपूर्ण निर्णय उस परिवार
को ये लेना था कि,
उस महिला को जीवन
रक्षक मशीन पर बनाए रखना है
अथवा नहीं?
क्योंकि वह कोमा से बाहर
आकर,
स्वस्थ हो सकने की
अवस्था में
नहीं थी | दोनों पैर , एक हाथ,आधा चेहरा कट चुका था । आॅखें जा चुकी थी ।
"क्या वह परिवार इसी छोटी-
लड़की का ही था?"
मेरा मन रोम-रोम काँप उठा |
मेरी उस नन्ही लड़की
के साथ हुई मुलाक़ात के 2 दिनों बाद मैंने अखबार में
पढ़ा कि उस
महिला को बचाया नहीं जा सका,
मैं अपने आप को
रोक नहीं सका और अखबार
में दिए पते पर जा पहुँचा,
जहाँ उस महिला को
अंतिम दर्शन के लिए
रखा गया था
वह महिला श्वेत धवल
कपड़ों में थी-
अपने हाथ में
एक सफ़ेद गुलाब
और उस छोटी-सी लड़की का वही हॅसता हुआ
फोटो लिए हुए और उसके सीने पर रखी हुई
थी -
वही गुड़िया |
मेरी आँखे नम हो गयी । दुकान में मिली बच्ची और सामने मृत ये महिला से मेरा तो कोई वास्ता नही था लेकिन हूं तो इंसान ही ।ये सब देखने के बाद अपने आप को सभांलना एक बडी चुनौती थी
मैं नम आँखें लेकर वहाँ से लौटा|
उस नन्ही-सी लड़की का
अपनी माँ और
उसकी बहन के लिए
जो बेपनाह अगाध प्यार था,
वह शब्दों में
बयान करना मुश्किल है |
और ऐसे में,
एक शराबी चालक ने
अपनी घोर
लापरवाही से क्षण-भर में
उस लड़की से
उसका सब कुछ
छीन लिया था....!!!
ये दुख रोज कितने परिवारों की सच्चाइ बनता है मुझे पता नहीं!!!! शायद ये मार्मिक घटना
सिर्फ
एक पैग़ाम
देना चाहती है कि:::::::::::::
कृपया~~~
कभी भी शराब
पीकर और
मोबाइल पर बात
करते समय
वाहन ना चलायें
क्यूँकि आपका आनन्द
किसी के लिए
श्राप साबित हो सकता हैँ।
इस पोस्ट को
पढ़कर यदि आप
'भावुक' हुऐ
हों तो किसी भी एक व्यक्ति को शेयर'
जरूर करें .........!!
Thursday, April 9, 2015
Always be happy
जब परिस्थिति बदले तो अपना मन भी बदलें------
-------------------------
'' गुरू से शिष्य ने कहा---गुरूदेव ! एक व्यक्ति ने आपके लिए गाय भेंट की है।
गुरू ने कहा - अच्छा है , दूध पीने को मिलेगा ।
एक सप्ताह के बाद शिष्य ने आकर गुरू से कहा -
गुरूजी ! जिस व्यक्ति ने गाय दी थी , वह अपनी गाय वापस ले गया।
गुरू ने कहा - अच्छा हुआ ! गोबर उठाने की झंझट से मुक्ति मिली ।
जीवन में भी इस बात को समझना जरूरी है ।
ऐसा व्यक्ति जो हर हाल में राजी हो उसे कोई दुखी नही कर सकता ।
परिस्थिति बदले , तो अपनी मानसिकता बदल लो । बस दुख , सुख में बदल जाएगा ।
क्योंकि सुख और दुख आखिर दोनों मन के ही समीकरण हैं।
Monday, April 6, 2015
Causes of cancer
❌एम्स ने कैंसर होने के कारण बतायें है:-
❌1.चाय कभी भी प्लास्टिक के कप में न लें।
❌2.कोई भी गरम चीज प्लास्टिक में न लें खासकर भोजन।
❌3. खाने कीf चीजों को माइक्रोवेव में प्लास्टिक के बर्तन में गर्म न करें।
❌याद रखें जब प्लास्टिक गर्मी के संपर्क में आता है तो ऐसा रसायन उत्पन करता है जो 32 प्रकार के कैंसर का कारण है।
❌इस प्रकार ये sms 100 फालतू के sms से बेहतर है।अपने मित्रो और रिश्तेदारों सूचित करें ताकि वे ऐसे प्रभाव से दूर रहें ।
Plz शेयर जरूर करें..❗
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