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Saturday, August 5, 2017

Some religious knowledge

1." ओउम जय जगदीश हरे "आरती के लेखक - श्रद्धाराम फिल्लौरी

2.वन महोत्सव के जनक - के.एम. मुंशी

3.सिनेमा के जनक - दादा साहब फाल्के

4.पंचायती राज के जनक - बलवन्त राय मेहता

5. परमाणु कार्यक्रम के जनक- होमी जहांगीर भाभा

6.भारतीय अर्थशास्त्र के जनक- एम.विश्वेश्वररैया

7.माऊट एवरेस्ट की खोज - जार्ज एवरेस्ट

8.हरित क्रांति के जनक- एम.एस.स्वामीनाथन

9.श्वेत क्रांति के जनक- वर्गीस कुरियन

10.नागरिक उड्डयन के जनक -जे.आर.डी.टाटा

11.जयपुर फुट के निर्माता - प्रमोद करण सेठी

12.आधुनिक पुलिस एक्ट के निर्माता -बर्टल फ्रेरे

13.सिविल सेवा के जनक - कार्नवालिस

14.भूदान आन्दोलन के जनक -विनोबा भावे

15.चिपको आन्दोलन के जनक -सुन्दरलाल बहुगुणा- चंडी प्रसाद भट्ट

16.नक्सलवाद के जनक -चारू मजूमदार

17.जनहित याचिका के जनक - पी.एन.भगवती

18.लोक अदालत के जनक - पी.एन.भगवती

19.लाइफ लाईन एक्सप्रेसके जनक - जान विल्शन

20.ब्लेक होल के खोज - जयंत नार्लीकर

21.मिसाइल कार्यक्रम के जनक - ए.पी.जे.अब्दुल कलाम

22.नर्मदा बचाओं आन्दोलन- मेघा पाटकर

23.पौधो में जीवन की खोज- जगदीश चन्दु बसु

24.हिन्दू विधि निर्माता - मनु

25.आधुनिक तिरंगा के निर्माता - पिगली वेंकैया

26.खुले जेल के संस्थापक - सम्पूर्णानंद

27.भारत जोडो आंदोलन - बाबा आम्टे

28.बंधुआ मजदूर उन्मूलन आंदोलन - स्वामी अग्निवेश

29.बालविवाह निषेध कानून का निर्माण -हरविलास शारदा

30.विधवा पुर्नविवाह आन्दोलन- ईश्वर चन्द्र विद्यासागर

31.जल संरक्षण आन्दोलन- राजेन्द्र सिंह

32.प्रोजेक्ट टाईगर- कैलाश सांख्ला

33.देशी रियासतों का एकीकरण- बल्लभभाई पटेल

34.ह्दय परिवर्तन- जयप्रकाश नारायण

35.उर्दू कविता के जनक- अमीर खुसरों

36.सितार के जनक- अमीर खुसरों

37.शून्यवाद- नागार्जुन

38.वेदों का पुनरुत्थान - दयानंद सरस्वती

39.वर्धा शिक्षा प्रणाली- डा. जाकिर हुसैन

40. स्त्री शिक्षा- केशव कर्वे

41.गुरूग्रंथ साहिब संकलन- गुरू अर्जुन देव

42.कांग्रेस समाजवादी दल -जयप्रकाश नारायण

43.निर्गुन ब्रह्म के संस्थापक- कबीर

44.रस चिकित्सा- नागार्जुन

45.सिख राज्य के संस्थापक- रणजीत सिंह

46.कम्प्यूटर क्रांति- सैम पित्रोदा

47.सनातन धर्म के संस्थापक- शंकराचार्य

48.आधुनिक बंगाल के निर्माता- सुरेन्द्र नाथ बनर्जी

49.मालगुजारी व्यवस्था- टोडरमल

50.द्विराष्ट्र सिद्धांत- सैय्यद अहमद खां

51.खालिस्तान आन्दोलन- डा. जगजीत सिंह चैहान

52.भारत छोड़ो आंदोलन - गांधी जी

53.अशोक के शिलालेखो को सर्वप्रथम पढ़ने वाला- जेम्सप्रिन्सेप

54.अशोक के शिलालेखों की खोज- पान्द्रेटीपेन्टोलर

55.अशोक को बौद्ध धर्म में दीक्षित किया- उपगुप्त

56. गुप्त वंश की स्थापना - श्रीगुप्त

57. एरण की खोज - के .डी. बाजपेई

58. भीमबैठका की खोज - श्रीधर वाकणकर

59. सांची स्तपों का निर्माण - अशोक

60. सांची स्तूपों की खोज - जनरल टेलर

61. खजुराहों मंदिरों का निर्माण -नरसिंह वर्मन (चंदेलराजा)

62. खजुराहों मंदिरों की खोज - अल्फ्रेड लायल

63. कुषाण वंश का संस्थापक - कुजुल कदफिस

64. आयुर्वेद के जनक - धन्वंतरि

65. शल्य चिकित्सा - सुश्रुप्त

66. सूर्य सिद्धांत - आर्यभट्ट

67. राजपूतों की उत्पत्ति का अग्निकुंड सिद्धांत - चंदबरदाई

68. सिन्धु सभ्यता की खोज- दयाराम साहनी एवं राखलदास बनर्जी

69. पुरातत्व विभाग का संस्थापक - अलेक्जेन्डर कर्निघम

70. वेदों का अध्ययन - मैक्समूलर (जर्मनी)

71.पाटलीपुत्र का सस्थापक - उदयन

72. विक्रम संवत् - राजा विक्रमादित्य

73. शक संवत् - कनिष्क

74. मौर्य वंश का संस्थापक - चन्द्रगुप्त मौर्य

75. भक्ति आन्दोलन - चैतन्य महाप्रभु

76. हिन्दू धर्म का पुनरूत्थान - शंकराचार्य

77. मुगल वंश का संस्थापक - बाबर

78. ग्रांड ट्रंक रोड का निर्माता - शेरशाह सूरी

79. रूपये का प्रचलन - शेरशाह सूरी

80. कुतुबमीनार का निर्माण - कुतुबुद्दीन ऐवक एवं इल्तुतमिश

81. बाजार नीति - अलाउद्दीन खिल्जी

82. लौह एवं रक्त नीति सजदा प्रथा, एवं नौरोज त्यौहार -बलवन

83. सोमनाथ मंदिर का विघ्वंश - मोहम्मद गजनवी

84. सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण - सरदार पटैल

85. बाबरी मस्जिद का निर्माण - मीरबाकी

86. ताजमहल का वास्तुकार - उस्ताद ईसा

87. दीन-ए-इलाही धर्म, सुलह कुल की नीति,इबादत खाने की स्थापना, फतेहपुर सीकरी का निर्माण, मजहर की घोषणा- अकबर

88.राजधानी परिवर्तन, सांकेतिक मुद्रा का प्रचलन -मोहम्मद तुगलक

89. आगरा का संस्थापक - सिकन्दर लोदी

90. जयपुर का संस्थापक - सवाई राजा जयसिंह

91. जंतर-मंतर के संस्थापक - सवाई राजा जयसिंह

92. चारों मठों के संस्थापक - शंकराचार्य

93. माउंट अबू मंदिरों के निर्माता - विमलशाह

94. दिल्ली के वास्तुकार - एडविन लुटयंस

95. राष्ट्रपति भवन के वास्तुकार - एडविन लुटयंस

96. संसद के वास्तुकार - एडविन लुटयंस एवं हावर्ड वेकर

97.कोलकाता का संस्थापक - जाब चारनाक

98. मुम्बई का संस्थापक - आनोल्ड आग्जियर

99. भुवनेश्वर का वास्तुकार - कोनिस बर्गर

100 .चंडीगढ का वास्तुकार - ली कार्बुरियर

101.भारत भवन भोपाल का वास्तुकार - चार्ल्स कोरिया

102.इंदौर की स्थापना - रानी अहिल्या बाई

103.गुलाब के इत्र का अविष्कार - नूरजहा

104.सांख्य दर्शन - कपिल मुनि

105.योग दर्शन - पतंजलि

106.न्याय दर्शन - गौतम

107.मीमांशा दर्शन - जैमिनी

108.उत्तर मीमांशा दर्शन - बादरायण

109. सुखवाद - चार्वाक

110.बौद्ध धर्म - महात्मा बुद्ध

111.जैन धर्म - महावीर स्वामी

112. सिक्ख धर्म - गुरूनानक

113.ब्रह्म समाज - राजाराम मोहन राय

114.आर्य समाज - दयानंद सरस्वती

115. प्रार्थना समाज - आत्माराम पाण्डुरंग

116. वेद समाज - श्रीधर नायडू

117. थियोसोफीकल सोसाइटी - मेंडम ब्लेवत्सकी एवं हेनरी अल्काट

118. सत्यशोधक समाज - ज्योतिबा फुले

119. कूका विद्रोह - रामसिंह

120. अड़यार आश्रम - एनीबीसेंट

121. अरूविले आश्रम - अरविन्द घोष

122. रामकृष्ण मिशन - विवेकानंद

123. वेलुर मठ - स्वामी विवेकानंद

124. शिकागों में भाषण - विवेकानंद (1893)

125. न्यूयार्क में वेदांत सोसाइटी - विवेकानंद

126. गणेश एवं शिवाजी उत्सव - बाल गंगाधर तिलक

127. एशियाटिक सोसाइटी आफ बंगाल- विलियम जोन्स

128. साइंटिफिक सोसाइटी - अब्दुल लतीक

129. मोहम्मडन एंग्लो ओरियंटल कालेज-सर सैय्यद अहमद खांन

130. कांग्रेस की स्थापना - ए0ओ0 ह्यूम

131. इंडियन एसोसिएशन - सुरेन्द्रनाथ बनर्जी

132. तत्व बोधिनी सभा -देवेन्द्र नाथ टैगोर

133. ब्रिटिश सार्वजनिक सभा - दादाभाई नौरोजी

134. रहनुमाई मजदायसान सभा -दादाभाई नौरोजी

135. संथाल विद्रोह - सिद्ध एवं कान्हू

136. मुंडा विद्रोह - बिरसा मुंडा

137. रेल्वे, डाकतार विभाग, पी0डब्ल्यू0डी0 की स्थापना एवं हड़प नीति - लार्ड डलहौजी

138. खुला विश्वविद्यालय - लार्ड पैरी

139. महिला चिकित्सालय - लेडी डफरिन (1885)

140. पुलिस व्यवस्था -लार्ड कार्नवालिस (1793)

141. स्थायी बंदोबस्त -लार्ड कार्नवालिस

142. अंग्रेजी शिक्षा - लार्ड मैकाले

143. सहायक संधि -लार्ड वेलेजली

144. रैय्यतवाडी व्यवस्था - थामस मुनरो

145. सती प्रथा निषेध कानून कन्या वध, नरवलि, पिंडारी ठगों का अंत - लार्ड विलियम बैंटिंग

146. दिल्ली दरबार, वर्नाकुलर प्रेस एक्ट,आर्म्स एक्ट, द्वितीय अफगान युद्ध- लार्ड लिटन

147. इल्बर्ट बिल विवाद, लोकतांत्रिक विकेन्द्रीयकरण, प्रथम फैक्ट्री कानून, प्रथम नियमित जनगणना, बालश्रम उन्मूलन - लार्ड रिपन

148.अकर्मण्यता की नीति -जान लारेंस

149.सर्वेन्टस आफ इंडिया सोसाइटी - गोपालकृष्ण गोखलने

150. मुस्लिम लीग - सलीमुल्ला एवं आगा खा

151. बनारस हिन्दू कालेज - एनीबीसेंट

152.बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय - मदनमोहन मालवीय (1916 )

153.साम्प्रदायिक निर्वाचन पद्धति- मार्ले एवं मिन्टो

154.गदर पार्टी की स्थापना - लाला हरदयाल

155.राष्ट्रगीत की रचना- बंकिम चंद्र चटर्जी

156.राष्ट्रगान - रवीन्द्रनाथ टैगोर

157.शान्ति निकेतन - रवीन्द्रनाथ टैगोर

158.हिन्दू महासभा - मदनमोहन मालवीय

159.साबरमती आश्रम - गांधी जी

160.होमरूल लीग - तिलकजी (अप्रैल 1916)

161. आल इंडिया होमरूल लीग - एनीबीसेंट

162. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ -डा0 हेडगेवार

163. बहिष्कृत हितकारिणी सभा - डा0 अम्बेडकर

164. बारदोली सत्याग्रह - सरदार पटैल

165. खिलाफत आंदोलन- मुहम्मद एवं शौकत अली

166. स्वराज पार्टी चितरंजन दास एवं मोतीलाल नेहरू

167. लालकुर्ती दल - खान अब्दुल गफ्फार खान

168. हिन्दुस्तान लीग - भगतसिंह

169. हरिजन सेवक संघ - महात्मा गांधी

170. फारवर्ड ब्लाक - सुभाष चंद्र बोस

171. आजाद हिन्द फौज - कैप्टन मोहन सिंह

172. गांधी जी को महात्मा कहा- रविन्द्रनाथ टैगोर

173.गांधी जी को बापू कहां - नेहरू जी

174.गांधी जी को राष्ट्र पिता - सुभाष चंद्र बोस

175.मैथलीशरण गुप्त को राष्ट्रकवि -महात्मा गांधी

176.जिन्ना को कायदे आजम - महात्मा गांधी

177.सुभाष चंद्र बोस को नेताजी - हिटलर

178.नेहरू जी को चाचा - गांधी जी

179.पाकिस्तान नामक शब्द के जनक- रहमत अली चैधरी

180.आल इंडिया डिप्रेस्ड क्लास एसोसिएशन - डा0 अम्बेडकर

181.साम्प्रदायिक प्रचार - रेमजे मैकडोनाल्ड

182. नेहरू रिपोर्ट - मोतीलाल नेहरू

183.जलियांवाला बाग हत्याकांड - जनरल डायर

184.संविधान सभा का विचार- एम.एन. राय

185. जनसंघ की स्थापना - श्यामाप्रसाद मुखर्जी

186. सर्वोदय योजना - जयप्रकाश नारायण

187. संविधान सभा के वैधानिक सलाहकार - वी.एन.राव

188.नागरिक उड्डयन - जे.आर.डी. टाटा

189.जलविद्युत एवं इस्पात उद्योग के जनक -जे.आर.डी. टाटा

190.भारतीय झंडा - मेडम भीकाजी कामा (1907) (स्टटगार्ड जर्मनी)

191.जनजातियों को नेशनल पार्क की अवधारणा -बेरियर एल्विन

192. गुरूमुखी लिपि, लंगर प्रथा -गुरू अंगद

193.गुरू गंथ साहेब का संकलन - अर्जुनदेव

194.अमृतसर के संस्थापक - गुरू रामदास

195.स्वर्ण मंदिर का निर्माण - अर्जुन देव

196.खालसा पंथ - गुरू गोविन्द सिंह

197.न्याय की जंजीर - जहांगीर

198. परिवार न्यायालय - पी.एन. भगवती

199. भारत में ब्रिटिश साम्राज्य के संस्थापक - लार्ड क्लाइब

200. आदिवासियों के मसीहा - ठक्कर बापा

201. गौ रक्षा संघ - महात्मा गांधी

202. एशियाई खेलो के जनक - गुरुदत्त सोधी

203. आगरे का लाल किला - अकबर

204. दिल्ली का लाल किला - शाहजहा

205. कांग्रेस का नामकरण - दादा भाई नौरोजी

206. अभिनव भारत - वीर सावरकर

207. भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी - एम.एन. राय

208.बचपन बचाओ- कैलाश सत्यार्थी

Thursday, March 19, 2015

Donate to needy people instead of religious place

समाज की एक कड़वी हक़ीक़त:-

जिसके गवाह हम सब हैं, जिसके ज़िम्मेदार हम सब हैं।

यह दर्दनाक घटना एक परिवार की है। जिसमें परिवार का मुखिया, उसकी पत्नी और दो बच्चे थे। जो जैसे तैसे अपना जीवन घसीट रहे थे।

घर का मुखिया एक लम्बे अरसे से बीमार था। जो जमा पूंजी थी वह डॉक्टरों की फ़ीस और दवाखानों पर लग चुकी थी। लेकिन वह अभी भी चारपाई से लगा हुआ था। और एक दिन इसी हालत में अपने बच्चों को अनाथ कर इस दुनिया से चला गया।
रिवाज़ के अनुसार तीन दिन तक पड़ोस से खाना आता रहा, पर चौथे दिन भी वह मुसीबत का मारा परिवार खाने के इन्तजार में रहा मगर लोग अपने काम धंधों में लग चुके थे, किसी ने भी इस घर की ओर ध्यान नहीं दिया।
बच्चे अक्सर बाहर निकलकर सामने वाले सफेद मकान की चिमनी से निकलने वाले धुएं को आस लगाए देखते रहते। नादान बच्चे समझ रहे थे कि उनके लिए खाना तैयार हो रहा है। जब भी कुछ क़दमों की आहट आती उन्हें लगता कोई खाने की थाली ले आ रहा है। मगर कभी भी उनके दरवाजे पर दस्तक न हुई।
माँ तो माँ होती है, उसने घर से रोटी के कुछ सूखे टुकड़े ढूंढ कर निकाले। इन टुकड़ों से बच्चों को जैसे तैसे बहला फुसला कर सुला दिया।

अगले दिन फिर भूख सामने खड़ी थी। घर में था ही क्या जिसे बेचा जाता, फिर भी काफी देर "खोज" के बाद चार चीज़ें निकल आईं। जिन्हें बेच कर शायद दो समय के भोजन की व्यवस्था हो गई। बाद में वह पैसा भी खत्म हो गया तो जान के लाले पड़ गए। भूख से तड़पते बच्चों का चेहरा माँ से देखा नहीं गया। सातवें दिन विधवा माँ ही बड़ी सी चादर में मुँह लपेट कर मुहल्ले की पास वाली दुकान पर जा खड़ी हुई।
दुकानदार से महिला ने उधार पर कुछ राशन माँगा तो दुकानदार ने साफ इंकार ही नहीं किया बल्कि दो चार बातें भी सुना दीं। उसे खाली हाथ ही घर लौटना पड़ा। एक तो बाप के मरने से अनाथ होने का दुख और ऊपर से लगातार भूख से तड़पने के कारण उसके सात साल के बेटे की हिम्मत जवाब दे गई और वह बुखार से पीड़ित होकर चारपाई पर पड़ गया। बेटे के लिए दवा कहाँ से लाती, खाने तक का तो ठिकाना था नहीं। तीनों घर के एक कोने में सिमटे पड़े थे। माँ बुखार से आग बने बेटे के सिर पर पानी की पट्टियां रख रही थी, जबकि पाँच साल की छोटी बहन अपने छोटे हाथों से भाई के पैर दबा रही थी। अचानक वह उठी, माँ के कान से मुँह लगा कर के बोली "माँ, भाई कब मरेगा???"
माँ के दिल पर तो मानो जैसे तीर चल गया, तड़प कर उसे छाती से लिपटा लिया और पूछा "मेरी बच्ची, तुम यह क्या कह रही हो?"
बच्ची मासूमियत से बोली,
"हाँ माँ ! भाई मरेगा तो लोग खाना देने आएँगे ना???"

कृपया अपनी दौलत को धर्म के नाम पर चढ़ावा चढ़ाने की बजाय किसी असहाय भूखे को खाना खिलाकर पुण्य प्राप्त करें।
इससे सारे जहाँ के मालिक भी खुश होंगे और आप को भी सूकून मिलेगा ।
दिल को अगर यह मेसेज अच्छा लगा हो तो आप इसे शेयर करें ताकि कोई भी बहन भूख के कारण अपने भाई के मरने की दुआ ना करे।

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समाज की एक कड़वी हक़ीक़त:-

जिसके गवाह हम सब हैं, जिसके ज़िम्मेदार हम सब हैं।

यह दर्दनाक घटना एक परिवार की है। जिसमें परिवार का मुखिया, उसकी पत्नी और दो बच्चे थे। जो जैसे तैसे अपना जीवन घसीट रहे थे।

घर का मुखिया एक लम्बे अरसे से बीमार था। जो जमा पूंजी थी वह डॉक्टरों की फ़ीस और दवाखानों पर लग चुकी थी। लेकिन वह अभी भी चारपाई से लगा हुआ था। और एक दिन इसी हालत में अपने बच्चों को अनाथ कर इस दुनिया से चला गया।
रिवाज़ के अनुसार तीन दिन तक पड़ोस से खाना आता रहा, पर चौथे दिन भी वह मुसीबत का मारा परिवार खाने के इन्तजार में रहा मगर लोग अपने काम धंधों में लग चुके थे, किसी ने भी इस घर की ओर ध्यान नहीं दिया।
बच्चे अक्सर बाहर निकलकर सामने वाले सफेद मकान की चिमनी से निकलने वाले धुएं को आस लगाए देखते रहते। नादान बच्चे समझ रहे थे कि उनके लिए खाना तैयार हो रहा है। जब भी कुछ क़दमों की आहट आती उन्हें लगता कोई खाने की थाली ले आ रहा है। मगर कभी भी उनके दरवाजे पर दस्तक न हुई।
माँ तो माँ होती है, उसने घर से रोटी के कुछ सूखे टुकड़े ढूंढ कर निकाले। इन टुकड़ों से बच्चों को जैसे तैसे बहला फुसला कर सुला दिया।

अगले दिन फिर भूख सामने खड़ी थी। घर में था ही क्या जिसे बेचा जाता, फिर भी काफी देर "खोज" के बाद चार चीज़ें निकल आईं। जिन्हें बेच कर शायद दो समय के भोजन की व्यवस्था हो गई। बाद में वह पैसा भी खत्म हो गया तो जान के लाले पड़ गए। भूख से तड़पते बच्चों का चेहरा माँ से देखा नहीं गया। सातवें दिन विधवा माँ ही बड़ी सी चादर में मुँह लपेट कर मुहल्ले की पास वाली दुकान पर जा खड़ी हुई।
दुकानदार से महिला ने उधार पर कुछ राशन माँगा तो दुकानदार ने साफ इंकार ही नहीं किया बल्कि दो चार बातें भी सुना दीं। उसे खाली हाथ ही घर लौटना पड़ा। एक तो बाप के मरने से अनाथ होने का दुख और ऊपर से लगातार भूख से तड़पने के कारण उसके सात साल के बेटे की हिम्मत जवाब दे गई और वह बुखार से पीड़ित होकर चारपाई पर पड़ गया। बेटे के लिए दवा कहाँ से लाती, खाने तक का तो ठिकाना था नहीं। तीनों घर के एक कोने में सिमटे पड़े थे। माँ बुखार से आग बने बेटे के सिर पर पानी की पट्टियां रख रही थी, जबकि पाँच साल की छोटी बहन अपने छोटे हाथों से भाई के पैर दबा रही थी। अचानक वह उठी, माँ के कान से मुँह लगा कर के बोली "माँ, भाई कब मरेगा???"
माँ के दिल पर तो मानो जैसे तीर चल गया, तड़प कर उसे छाती से लिपटा लिया और पूछा "मेरी बच्ची, तुम यह क्या कह रही हो?"
बच्ची मासूमियत से बोली,
"हाँ माँ ! भाई मरेगा तो लोग खाना देने आएँगे ना???"

कृपया अपनी दौलत को धर्म के नाम पर चढ़ावा चढ़ाने की बजाय किसी असहाय भूखे को खाना खिलाकर पुण्य प्राप्त करें।
इससे सारे जहाँ के मालिक भी खुश होंगे और आप को भी सूकून मिलेगा ।
दिल को अगर यह मेसेज अच्छा लगा हो तो आप इसे शेयर करें ताकि कोई भी बहन भूख के कारण अपने भाई के मरने की दुआ ना करे।